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राजस्थान के प्रमुख जिले

  📍 राजस्थान के प्रमुख जिले राजस्थान में वर्तमान में कुल 50 जिले (2023 के अनुसार) हैं। लेकिन परीक्षा व सामान्य ज्ञान की दृष्टि से कुछ प्रमुख जिले विशेष महत्व रखते हैं। 1. पश्चिमी राजस्थान (मरुस्थलीय भाग) जैसलमेर – क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला। बाड़मेर – पेट्रोलियम व खनिज तेल उत्पादन के लिए प्रसिद्ध। बीकानेर – ऊन, ऊंट व गंगा नहर परियोजना के लिए प्रसिद्ध। श्रीगंगानगर – राजस्थान का “अनाज का कटोरा”। जोधपुर – मारवाड़ की राजधानी, सूर्यनगरी। 2. पूर्वी राजस्थान (भरतपुर–कोटा क्षेत्र) जयपुर – राजस्थान की राजधानी, गुलाबी नगर। अलवर – सरिस्का अभयारण्य व उद्योग क्षेत्र। भरतपुर – केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (विश्व धरोहर स्थल)। धौलपुर – लाल पत्थर व चंबल घाटी। कोटा – शिक्षा नगरी, चंबल नदी व उद्योग। बूंदी – कोटा बाँध परियोजना। 3. दक्षिणी राजस्थान (मेवाड़–वागड़ क्षेत्र) उदयपुर – झीलों की नगरी, अरावली पर्वतमाला। चित्तौड़गढ़ – किला और ऐतिहासिक महत्व। राजसमंद – राजसमंद झील व संगमरमर। डूंगरपुर – वागड़ क्षेत्र, जनजातीय क्षेत्...
  राजस्थान की स्थिति, विस्तार, सीमाएँ और पड़ोसी राज्य 1. भौगोलिक स्थिति (Location of Rajasthan) राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है। यह भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। अक्षांशीय विस्तार: 23°3’ उत्तर से 30°12’ उत्तर देशांतर विस्तार: 69°30’ पूर्व से 78°17’ पूर्व कर्क रेखा (Tropic of Cancer) राजस्थान के बीकानेर, चूरू, बाड़मेर, भीलवाड़ा, कोटा, झालावाड़ और उदयपुर जिलों से होकर गुजरती है। 2. क्षेत्रफल (Area) कुल क्षेत्रफल: 3,42,239 वर्ग किलोमीटर भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 10.41% क्षेत्रफल में भारत का 1st स्थान । राजस्थान का क्षेत्रफल जर्मनी, नॉर्वे और पोलैंड जैसे देशों से भी बड़ा है। 3. सीमाएँ (Boundaries of Rajasthan) राजस्थान की सीमाएँ 7 राज्यों और 1 देश (पाकिस्तान) से मिलती हैं। राजस्थान की कुल स्थलीय सीमा = 5920 किमी. (लगभग) (A) अंतर्राष्ट्रीय सीमा राजस्थान की सीमा पश्चिम और उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान से लगती है। कुल लंबाई: 1070 किमी. यह सीमा 4 जिलों से मिलती है: गंगानगर बीकानेर जै...

राजस्थान का नामकरण | Rajasthan Naamkaran History in Hindi

  राजस्थान का नामकरण | Rajasthan Naamkaran History in Hindi परिचय भारत का सबसे बड़ा राज्य राजस्थान अपने शौर्य, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। इसे “Land of Kings” यानी राजाओं की भूमि कहा जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस प्रदेश का नाम “राजस्थान” कैसे पड़ा? पहले इसे किन–किन नामों से जाना जाता था? आइए जानते हैं राजस्थान के नामकरण का पूरा इतिहास। प्राचीन काल में राजस्थान के नाम प्राचीन समय में वर्तमान राजस्थान अलग–अलग रियासतों में बँटा हुआ था और इसके कई नाम प्रचलित थे: मरु-देश (Marudesh): क्योंकि यह क्षेत्र रेगिस्तानी था। राजस्थली (Rajasthali): जिसका अर्थ है राजाओं की भूमि । राजपुताना (Rajputana): यहाँ अधिकांश भाग पर राजपूत शासकों का शासन था, इसलिए यह नाम प्रसिद्ध हुआ। स्थानीय स्तर पर इसे मारवाड़, मेवाड़, शेखावाटी, हाड़ौती आदि नामों से भी जाना जाता था। राजपूताना नाम की उत्पत्ति 1829 में अंग्रेज़ इतिहासकार जॉर्ज थॉमस ने सबसे पहले इस क्षेत्र को Rajputana कहा। बाद में 1881 में ब्रिटिश सरकार ने आधिकारिक रूप से इसे “Rajputana Agency”...